सबसे पहले यह जान लीजिए कि सरकार या इनकम टैक्स विभाग की ओर से अभी तक पैन-आधार लिंकिंग की समय सीमा बढ़ाने को लेकर कोई भी आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। इसका मतलब साफ है कि अगर आपने तय समय तक अपने इन दोनों जरूरी दस्तावेजों को लिंक नहीं किया है, तो 1 जनवरी 2026 से आपका पैन कार्ड एक बेकार प्लास्टिक के टुकड़े के समान हो सकता है। विभाग ऐसे पैन कार्ड्स को ‘इनऑपरेटिव’ यानी निष्क्रिय घोषित कर देता है।
अगर आपका पैन कार्ड इनऑपरेटिव हो गया है, तो आपकी मुश्किलें काफी बढ़ सकती हैं। आप न तो अपना इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल कर पाएंगे और न ही बैंक से जुड़े बड़े लेन-देन कर सकेंगे। इतना ही नहीं, शेयर बाजार में निवेश, म्यूचुअल फंड और कई सरकारी सुविधाओं का लाभ लेने में भी आपको भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। जहां भी पैन अनिवार्य है, वहां आपके काम बीच में ही अटक सकते हैं।
अगर आपको याद नहीं है कि आपने आधार-पैन लिंक किया था या नहीं, तो घबराने के बजाय फौरन स्टेटस चेक करें। इनकम टैक्स विभाग के ई-फाइलिंग पोर्टल पर जाकर यह काम मिनटों में हो सकता है। आपको बस अपना पैन नंबर, जन्म तिथि और मोबाइल नंबर दर्ज करना होगा। इसके बाद आपके फोन पर एक ओटीपी (OTP) आएगा, जिसे भरते ही स्क्रीन पर दिख जाएगा कि आपका पैन एक्टिव है या नहीं।
जिन लोगों का पैन कार्ड बंद हो चुका है, उन्हें चिंता करने की जरूरत नहीं है, क्योंकि इसे फिर से एक्टिव कराया जा सकता है। इसके लिए आपको निर्धारित लेट फीस यानी जुर्माना भरना होगा। जुर्माना चुकाने के बाद आप लिंकिंग की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। हालांकि, ध्यान रहे कि फीस भरने के तुरंत बाद पैन चालू नहीं होता, इसमें कुछ समय की प्रक्रिया लगती है।
एक बार जब आप जुर्माना भरकर पैन और आधार को लिंक करने की रिक्वेस्ट डाल देते हैं, तो इसे दोबारा एक्टिव होने में कुछ दिनों से लेकर कुछ हफ्तों तक का समय लग सकता है। जब तक आपका पैन दोबारा एक्टिव नहीं होता, तब तक आप पर ज्यादा टैक्स कटौती (TDS) जैसे नियम लागू रह सकते हैं। इसलिए समझदारी इसी में है कि इस काम को कल पर न टालें।